राज्यपाल कटारिया ने वरिष्ठ नागरिकों की गरिमा और सक्रिय जीवन सुनिश्चित करने हेतु सामूहिक जिम्मेदारी का आह्वान किया
Governor Kataria called for Collective Responsibility
चंडीगढ़, 29 जनवरी: अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया ने मुख्य अतिथि के रूप में चंडीगढ़ सीनियर सिटीजन एसोसिएशन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने परिवारों, समाज और संस्थानों से वरिष्ठ नागरिकों की गरिमा, सुरक्षा और सक्रिय जीवन सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त रूप से प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों के अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की तथा कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के सुझाव और अनुभव राष्ट्र एवं समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं।
प्रशासक ने वर्ष 1996 में पूर्व पंजाब मुख्य सचिव स्वर्गीय श्री पी.एच. वैष्णव के नेतृत्व में स्थापित चंडीगढ़ सीनियर सिटीजन एसोसिएशन की सराहना की, जो फिजियोथेरेपी, योग, स्वास्थ्य जांच जैसी निःशुल्क सेवाओं के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक कल्याण गतिविधियाँ प्रदान कर रही है।
सभा को संबोधित करते हुए प्रशासक ने वरिष्ठ नागरिकों को “चलती-फिरती पुस्तकालय” बताया और उनके अमूल्य ज्ञान एवं अनुभव को समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। उन्होंने युवाओं से बुजुर्गों से सीखने का आग्रह किया तथा वरिष्ठ नागरिकों से अपने अनुभव और सुझाव साझा करने का आह्वान किया, जिससे चंडीगढ़ प्रशासन की नीतियों को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सीनियर सिटीजन होम शब्द के स्थान पर कोई अधिक सकारात्मक और सम्मानजनक नाम रखा जाना चाहिए, जैसे दिव्यांगजनों के लिए दिव्यांगजन आवास शब्द का प्रयोग किया जाता है।
वर्तमान चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए श्री कटारिया ने कहा कि तीव्र शहरीकरण, रोजगार हेतु पलायन और संयुक्त परिवार से एकल परिवार की ओर बढ़ते रुझान के कारण कई वरिष्ठ नागरिकों को अकेलेपन और उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनके कल्याण के लिए सामूहिक जिम्मेदारी और भी आवश्यक हो गई है।
प्रशासक ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण हेतु कई योजनाएँ लागू की गई हैं, जिनमें वृद्धावस्था पेंशन, स्वास्थ्य बीमा, विशेष स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम तथा माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम के अंतर्गत कानूनी सुरक्षा शामिल है।
कार्यक्रम के दौरान प्रशासक ने चिकित्सा, साहित्य, शिक्षा, सामाजिक कार्य, संस्कृति तथा रेड क्रॉस स्वयंसेवकों के रूप में योगदान देने वाले वरिष्ठ नागरिकों और स्वयंसेवकों को सम्मानित एवं प्रशंसित किया। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से संवाद किया, उन्हें प्रशासनिक सहयोग का आश्वासन दिया तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रत्येक बुधवार आयोजित होने वाले जनता दरबार या जन सुनवाई के लिए अपॉइंटमेंट लेने की सलाह दी।
कार्यक्रम का शुभारंभ एवं समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।